Mr. Jai Ram Mishra, 'Shiksha Ratna
Chief Advisor
महाविद्या (महाविद्या ज्ञान) भारतीय
वास्तुकला कलात्मक परंपरा
भारतीय परंपरा कलात्मक रूपों
(आध्यात्मिक कलात्मक)
भारतीय कला-दर्शन, कला समीक्षकों इतिहास और कलात्मक परंपराओं
कलात्मक अभिव्यक्तियों
भारतीय कला का चरम रूप - "सत्यं च
शिवं च सुंदरं च चेतना, आत्मिक व
दैहिक व आत्मिक व सामाजिक"
इस कलात्मक चेतना के तीन अंग हैं:
सौंदर्य, उपयोगितावादी और...
कला केवल आनंद या मनोरंजन का माध्यम
नहीं है, न ही यह केवल रूप, रंग या ध्वनि तक सीमित है, न ही इसका एकमात्र उद्देश्य धनोपार्जन या सामाजिक
प्रतिष्ठा प्राप्त करना है, बल्कि यह
मानव चेतना को परिष्कृत कर परम आनंद / मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करती है।
वास्तुकला की परंपराओं जैसे इतिहास,
कलात्मक रूपों, धार्मिक और दार्शनिक आधारों का व्यापक अध्ययन
प्रस्तुत करता है। भारतीय कला परंपरा में मूर्तिकला, वास्तुकला और चित्रकला को केवल कला रूप नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, धार्मिक और दार्शनिक अभिव्यक्तियाँ माना जाता है। पुस्तक प्राचीन
भारतीय दर्शन और कलात्मक परंपराओं के बीच अंतर्संबंधों को रेखांकित करती है,
जिससे पाठक कला रूपों की गहरी समझ
प्राप्त कर सकें।
भारतीय कला-चेतना को गहराई से समझने
के लिए इस पुस्तक में पाँच खंड हैं- दर्शन, इतिहास, वास्तुकला,
मूर्तिकला, चित्रकला और संगीत। इसमें प्राचीन काल से लेकर
आधुनिक काल तक की भारतीय कला के विकास और उसकी विशेषताओं पर गहन प्रकाश डाला गया
है। चक्रवर्ती ने भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला के अध्ययन को नए दृष्टिकोण से
प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
लेखक ने अध्यात्म और कलात्मक
परंपराओं के पारस्परिक संबंधों का विश्लेषण किया है। इस संदर्भ में उन्होंने
मूर्तिकला, वास्तुकला, चित्रकला, संगीत, नृत्य और
दर्शन की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की है। इस क्षेत्र में प्रो. डॉ. एन. के.
चक्रवर्ती (प्रोफेसर) का योगदान कला और अध्यात्म के इस जटिल अंतर्संबंध को सरल और
बोधगम्य बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। उनके शोध कार्यों ने भारतीय कला-दर्शन को
वैश्विक पटल पर एक नई पहचान दी है।
अतः इस प्रकार प्रो. डॉ. एन. के.
चक्रवर्ती का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। कला और अध्यात्म के इस अनूठे समन्वय ने
भारतीय कला को समृद्ध किया है। उनके शोध कार्यों ने भारतीय कला और दर्शन को
वैश्विक स्तर पर मान्यता दिलाई है। इस पुस्तक में कला, सौंदर्य, वास्तुकला और दर्शन के गहरे संबंधों को स्पष्ट रूप से विश्लेषित किया
गया है, जो कला-प्रेमियों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक सिद्ध
होगी।
धन्यवाद।
N/A
N/A
N/A
N/A
Secretary
President
Treasurer
Chief Advisor
Principal